भारतीय सेना ने गिराया हाथियारों से भरा ड्रोन । जो हाथियारो को पाकीसतानी आतंकवादी तक पहुंचाने वाला था। - सारी जानकारी हीन्दी और English

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सोमवार, 22 जून 2020

भारतीय सेना ने गिराया हाथियारों से भरा ड्रोन । जो हाथियारो को पाकीसतानी आतंकवादी तक पहुंचाने वाला था।

सीमा सुरक्षा बल ( बीएसएफ ) ने जम्मू - कश्मीर के कठुआ जिले में भारत - पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंक की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी । हेक्साकॉप्टर ( ड्रोन ) के जरिए आतंकियों तक हथियार पहुंचाए जा रहे थे । बीएसएफ ( जम्मू फ्रंटियर ) के आईजी एनएस जामवाल ने कहा , पानसर में बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम को शनिवार सुबह एक हेक्साकॉप्टर ( ड्रोन )  उड़ता दिखा और उसे फायर कर गिरा दिया गया । और उनहोने कहा कि यह पाकिस्तान से भेजे गए चीन निर्मित ड्रोन है।कॉप्टर का वजन करीब 18 किलो है और 5 से साढ़े 5 किलो का पेलोड ले जा रहा था । ' आईजी ने कहा कि जिस तरह के हथियार बरामद हुए हैं , उसे देखकर लगता है कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार है , वह एक बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था । जिसमे हथियार छुपाकर भारत की सीमा में भेजे जा रहे थे। इसमें अमेरिका निर्मित एक एम 4 कारबाइन , चीन निर्मित सात ग्रेनेड , गोलियों से भरी दो मैगजीन , 5.56 एमएम की 60 गोलियां शामिल हैं । 



15 जून की रात चीन और भारत के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी , इसमें 20 जवान शहीद हो गए थे गलवान घाटी में चीन की सेना से हिंसक झड़प के बाद सरकार ने सेना का हौसला बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं , अधिक जानने के लिए क्लिक किजीए 

ड्रोन भेजने में आईएसआई की मिलीभगत हो सकती है। 


बीएसएफ अधिकारी ने कहा इसमें कोई संदेह नहीं है कि ड्रोन पाकिस्तान से आया था । उन्होंने ड्रोन भेजने के पीछे पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई का हाथ होने से इनकार नहीं किया है । उन्होंने कि आईएसआई की मिलीभगत के बिना ड्रोन को सीमा पार हीरानगर सेक्टर के पानसर तक नहीं उड़ाया जा सकता । यह ड्रोन करीब 150 से 200 फीट ऊपर उड़ रहा था । उन्होंने कहा कि ड्रोन से साफ है कि भारतीय सीमा में एक से डेढ़ किमी के अंदर कोई न कोई इस कन्साइनमेंट को लेने के लिए तैयार खड़ा था । इससे पहले पाकिस्तान से लगी पंजाब की सीमा में भी इसी प्रकार से हथियारों की कई बार खेप भेजी गई थी । यह पहला मौका है , जब जम्मू - कश्मीर में हथियार लाते पाक का ड्रोन ढेर कर दिया गया ।ड्रोन पर उर्दू में लिखे कोड को सुरक्षा एजेंसियां डिकोड कर रही हैं । हालांकि , यह एक नए तरह का खतरा है ।


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