न्यूजीलैंड हुआ पूरी तरह से को रोना मुक्त देश आज से वहां पर सभी प्रकार की छूट दी गई है ,न्यूजीलैंड कोरोना मुक्त , सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी पाबंदियां आज से हट जाएंगी का ऐसा करने वाला पहला देश , 17 दिन पहले आया था आखिरी मामला | - सारी जानकारी हीन्दी और English

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मंगलवार, 9 जून 2020

न्यूजीलैंड हुआ पूरी तरह से को रोना मुक्त देश आज से वहां पर सभी प्रकार की छूट दी गई है ,न्यूजीलैंड कोरोना मुक्त , सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी पाबंदियां आज से हट जाएंगी का ऐसा करने वाला पहला देश , 17 दिन पहले आया था आखिरी मामला |

कोरोना महामारी के बीच न्यूजीलैंड से अच्छी खबर है । लॉकडाउन के 75 दिन बाद वहां कोरोना का आखिरी मरीज भी स्वस्थ हो गया है देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश में आखिरी मामला 22 मई को आया था और सोमवार को मामले शून्य हो गए। प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि मंत्रिमंडल ने मध्यरात्रि से देश को खोलने की सहमति दे दी है । उन्होंने कहा , ' हमें विश्वास है कि फिलहाल के लिए हमने न्यूजीलैंड में वायरस के प्रसार को पूरी तरह से रोक लिया है । 

न्यूजीलैंड में मामले बढ़ने लगे तो 25 मार्च को दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया गया था । वहां चार स्तरीय चेतावनी प्रणाली लागू की गई । इसके तहत कारोबार , स्कूल न - कॉलेज बंद कर दिए गए और लोगों को घर में रहने को कहा गया । अप्रैल में जोखिम का लेवल 4 से घटकर तीन पर , जबकि सामुदायिक स्तर पर मरीजों की संख्या घटी तो देश कम जोखिम के दूसरे स्तर पर आया । उसके बाद लेवल 1 तक आने यानी कोरोना मामले शून्य करने का लक्ष्य 22 जून रखा गया , जिसे 14 दिन पहले पा लिया गया ।
प्रणाली में सबसे कम जोखिम वाले पहले स्तर में पहुंच चुके हैं । इसका मतलब यह नहीं है कि अब हम रुक जाएंगे । ' उन्होंने कहा कि नए नियमों के तहत अब सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत नहीं होगी , सार्वजनिक समारोह हो सकेंगे । लेकिन दूसरे देशों
के लोगों के लिए सीमाएं बंद रहेंगी । न्यूजीलैंड शायद ऐसा पहला देश है , जहां कोरोना की सभी पाबंदियां खत्म हो रही हैं । बता दें कि करीब 50 लाख की आबादी वाले न्यूजीलैंड में 1,500 लोग संक्रमित हुए जिनमें से 22 की मौत हो गई।

 दुनियाभर के दूसरे देश एक ऐसा देश है जो सात हफ्ते कड़े लॉकडाउन के बाद कोरोना मुक्त हो गया है । सरकार ने शारीरिक दूरी का मानक भी हटा दिया न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य विभाग बताया कि देश में कोई भी सक्रिय संक्रमित नहीं है । 17 दिन पहले कोरोना का नया मरीज मिला था फरवरी के बाद देश में अब कोई भी संक्रमित मरीज नहीं है । न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा ऑर्डन ने सोमवार को कहा कि 25 मार्च को देश में लॉकडाउन हुआ और 14 मई को सात सप्ताह पूरे हुए । दो सप्ताह इंतजार बाद कोई नया मामला सामने नहीं आया , तो देश को खोलने का फैसला किया गया है । उन्होंने बताया , देश के लोगों

और आर्थिक गतिविधियों पर लगी सभी पाबंदियों को हटाया जाता है , बस सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती रहेगी जिससे वायरस दोबारा देश में दाखिल न हो सके । उन्होंने कहा कि सबकी एकजुटता से वायरस खत्म करने में कामयाबी मिली है । अब हम सब मिलकर आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देंगे । वायरस को मात देने के बाद देश में सभी तरह की गतिविधियों को इजाजत दे दी गई है जैसे व्यापार , आवागमन , लोगों का एकजुट होना , खेलकूद प्रतियोगिता और अन्य गतिविधियां शुरू हो गई हैं । एजेंसी

शारीरिक दूरी खत्म करने से अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी वेलिंगटन स्थित बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के हेड स्टीफन टोपलिस ने कहा कि महामारी के कारण बंद रहे देश से शारीरिक दूरी खत्म करने का सीधा लाभ अर्थव्यवस्था को होगा । लोगों में विश्वास जगेगा और वे पहले की तरह खर्च और निवेश करेंगे । वह कहते हैं कि आने वाले कुछ दिनों में बाजार पर इसका असर दिखेगा । 

संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाला हर व्यक्ति क्वारंटीन संक्रमण को खत्म करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रभावी रणनीति बनाई । इसके तहत संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति की तलाश कर के उसे क्वारंटीन किया गया ताकि वो किसी दूसरे को संक्रमित न कर सके । न्यूजीलैंड में कुल 1504 मामले सामने आए और 22 लोगों की मौत हुई ।
देश वापसी पर रहना होगा 14 दिन क्वारंटीन न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है और लॉकडाउन से ये बुरी तरह प्रभावित है । इसके बाद भी दूसरे देश में फंसे लोगों की वापसी और विशेष लोगों को देश में वापसी की इजाजत है , लेकिन ऐसे लोगों को 14 दिन क्वारंटीन में रहना होगा । सरकार ने कहा कि हर व्यक्ति ने लॉकडाउन को सफल बनाया और इसी का नतीजा है कि देश वायरस मुक्त हो गया है । लॉकडाउन में सभी को घर में रहने का निर्देश था । सिर्फ जरूरी सेवाओं की इजाजत थी , वो भी कई तरह की शर्तों के साथ ।


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