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शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

क्या है ऑपरेशन वेस्ट एंड जिसने भारत के रक्षा मंत्री को इस्तीफा देने को मजबूर किया ?

भ्रष्टाचार से जुड़ा यह मामला 2001 का है । तहलका मैगजीन ने एक बार वेस्ट एण्ड ( west end ) नाम से एक स्टिंग ऑपरेशन किया था । जिसमें रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े कई बड़े अफसर और नेताओं को घूस लेते हुए पकड़ा गया था ।

23 जुलाई को रक्षा सौदों के भ्रष्टाचार में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और दो लोगों 4 साल की सजा  सुनाई है । स्पेशल कोर्ट ने जया जेटली को शाम 5:00 बजे जेल प्रशासन को सरेंडर करने का आदेश दिया था । 



लेकिन जेटली अभी जेल नहीं जाएंगे उन्होंने स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए जया जेटली ने दिल्ली के हाई कोर्ट मैं अपील की है ।
 हाई कोर्ट ने यह अपील स्वीकार करके स्पेशल कोर्ट के आदेश को अस्थाई तौर पर रोक दिया है । स्पेशल कोर्ट के जज वीरेंद्र भट ने जया जेटली के अलावा गोपाल पचेरवाल और रिटायर मेजर जनरल एसपी मूर्गेई को भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया । 
29 जुलाई को सुनवाई पूरी हो गई और कोर्ट ने तीनों दोषों से एक लाख जुर्माना भरने को भी कहा है । इसके अलावा सुरेंद्र कुमार सुरेखा उस अपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थे , जो दिसंबर 2000 से जनवरी 2001 के बीच दिल्ली में रचा गया ।

  • इस पूरे मामले की जानकारी

 भ्रष्टाचार से जुड़ा यह मामला 2001 का है । तहलका मैगजीन ने एक बार वेस्ट एण्ड ( west end ) नाम से एक स्टिंग ऑपरेशन किया था । जिसमें रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े कई बड़े अफसर और नेताओं को घूस लेते हुए पकड़ा ग थे । इसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के करीबी माने जाने वाले जया जेटली का भी नाम आया रिपोर्ट के मुताबिक इस मिशन में जया जेटली एक काल्पनिक फॉर्म वेस्टर्न इंटरनेशनल प्रतिनिधि बनकर के गए मैथ्यू सेमबल नाम के पत्रकार जो वहां पर एजेंट बनकर गए थे उनसे ₹2 लाख स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद हुए थे । मैथिली से बोलो उस समय तहलका मैगजीन में काम करते । वह तत्काल मेजर जनरल ने ₹20000 स्वीकार किए । यह पैसा कथित तौर पर हाथ से चलने वाले आर्मी के थर्मल इमेजेस का सप्लाई आर्डर हासिल करने के लिए दिया गया था । स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि 25 दिसंबर 2000 को सुरेखा और मुर्गेई ने सैम्यूल को भरोसा दिलाया कि वह उनकी कंपनी को रक्षा मंत्रालय से वैल्यूएशन लेटर दिलाने में मदद करेंगे इसके अलावा सैम्यूल की जया जेटली से बात भी हुई जिसने जया जेटली ने कहा कि वे राजनैतिक कवर प्रदान करेंगे । यह मीटिंग गोपाल पचेरवाल ने 28 दिसंबर 2000 को अरेंज कराई थी ।इनमें सहमति बनी थी कि मुरगई को एक लाख , सुरेंद्र को एक और जेटली को ₹2 लाख दिए जाएंगे । इस मीटिंग में गोपाल पचेरवाल सुरेंद्र सुरेखा और मुर्गेई भी मौजूद थे । कोर्ट के मुताबिक मीटिंग में सुरक्षा केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस क्या देखा एक आवाज पर सैम्यूल को जय जेटली से यह कहकर परिचय करवाया कि सैम्यूल बिजनेसमैन है और रक्षा खरीद के मार्केट में आना चाहते हैं । कोर्ट ने कहा कि सैम्यूल के द्वारा ₹2 लाख देने पर यह जेटली ने कहा कि इसे पेचर वाल को देने को कहा । कोर्ट ने आगे कहा कि पैसे वालों ने उस पैसे को लिया यह जानते हुए कि यह एक घूस है ।
जया जेटली ने असेंबल को भरोसा दिलाया कि उनके कंपनी के प्रोडक्ट को कंसीडर नहीं किया ज्यादा तो वह रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से कहकर संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे । उस समय जॉर्ज फर्नांडिस देश के रक्षा मंत्री थे । 

  • इसका राजनैतिक असर : -

इस स्टिंग ऑपरेशन के चलते भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया था । रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को इस्तीफा देना पड़ा था। ममता बनर्जी एनडीए के सरकार से अलग हो गई थी । बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण का भी नाम सामने आया था । ने अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था । जय जेटली को भी जनता पार्टी के अध्यक्ष हटाया गया । इस पर भी सरकार ने शिकंजा कसा और कई पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया । 28 दिसंबर 2012 को बंगारू लक्ष्मण को दोषी पाया गया और उन्हें 4 साल की सजा और ₹1 लाख का जुर्माने की सजा सुनाई थी ।

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