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शनिवार, 25 जुलाई 2020

संजीव यादव के किडनैपिंग से लेकर हत्या की पूरी साजिश ।

22 जून को कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले एक शख्स संजीव यादव का किडनैप किया गया था । उसके बाद उसकी हत्या भी की गई ।


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अब जानकारी आ रही है कि संजीव यादव की हत्या हो चुकी है । कानपुर ने 23 जुलाई की रात को किडनैपिंग के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया किया है । 

उनके पूछताछ के दौरान यह पता चला कि संजीव की हत्या की गई है । संजीव के किडनैपिंग में उनके दोस्तों का ही हाथ था ।जब 23 जुलाई को उन्हें पकड़ा गया तो उन्होंने कहा कि 26 से 27 जून के बीच में ही संजीव यादव की हत्या कर दी गई थी ।

इसके बाद 29 जून को संजीव यादव के घर वालों को फोन करके फिरौती की रकम मांगी गई । फिरौती में उन्होंने 30 लाख रुपए मांगे थे । इसके बाद पांडू नदी में संजीव यादव के शव को ठीकाना लगाया गया । पुलिस संजीब यादव की तलाश को पांडू नदी में ढूंढ रही है ।

संजीव यादव की बहन रुचि का कहना है कि यह सब पुलिस के लेटलतीफी के कारण हुआ है । संजीव यादव की मां क्या कहना है कि जिंदगी भर जो कमाया था वह भी गवा दिया और फिर भी बेटा वापस नहीं मिल पाया। 

इधर संजीव यादव के परिवार किडनैप करने वालों को ₹30 लाख देने का दावा कर रहा है । कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने कहां की किडनैप करने वालों को ₹30 लाख देने का दवा झूठा है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके जांच के अनुसार किडनैप करने वालों को फिरौती की रकम नहीं दी गई है,फिर आई जी मोहित अग्रवाल ने कहा कि फिर भी हम हर एंगल से इसकी जांच कर रहे हैं । 

उन्होंने कहा कि किडनैपरो को पकड़ने के लिए एक प्लान बनाया गया था जो फेल हो गया ।इस लापरवाही के चलते बर्रा के एसएचओ रंजीत राय और थाना इंचार्ज राजेश कुमार को सस्पेंड किया गया है ,इसके अलावा साउथ कानपुर के एसपी सुपर्णा गुप्ता सीओ मनोज गुप्ता को भी सस्पेंड कर दिया है ।
फिरौती की रकम दिए है या नहीं इसकी जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं ।

15 जुलाई में आई खबर के अनुसार पुलिस के कहने के अनुसार परिवार वालों ने 30 लाख रुपए देने के लिए तैयार हो गए पुलिस टीम भी वहां थी लेकिन किडनैप करने वालों ने पैसे से भरा बैग पुल के नीचे फेंकने के लिए कहा और पुलिस के द्वारा बनाया गया प्लान फेल हो गया ।

कुछ समय बाद संजीव यादव की बहन ने अपना बयान बदलते हुए कहा था कि पैसे नहीं दिए हैं लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने कहा कि यह बयान उन्होंने पुलिस के दबाव में आकर दिया था।

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