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रविवार, 7 जून 2020

भारत चीन मैं हुई बैठक। सीमा विवाद सूलझाने की कोशीश।

माहौल में तीन घंटे से ज्यादा चली भारत ने एलएसी पर चीन के निर्माण कार्यों का भी मुद्दा भी उठाया । साथ ही कहा कि चीन सीमा पर तैनात हथियारबंद और बख्तरबंद गाड़ियों को पीछे ले जाए । भारतीय सेना पैगोंग त्सो पर जारी विवाद खत्म करने के लिए भी चीन पर दबाव बना रही है। एलएसी पर चीन 
एलएसी पर चीन एलएसी पर चीन की खतरनाक चाल एलएसी पर 5,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती के बाद चीन धीरे - धीरे अस्थायी सैन्य ढांचा और हथियारों का जखीरा जमा कर रहा है चीन। सैटेलाइट तस्वीरों में रक्षा ढांचे का निर्माण साफ दिख रहा है । इसमें पंगोंग त्सो इलाके से 180 किमी दूर सैन्य एयर बेस भी शामिल है । एलएसी के पास चौन लगातार रणनीतिक साजोसामान जुटा रहा है , जिसमें तोप, लड़ाकू वाहन और भारी सैन्य उपकरण हैं । चीन उत्तरी सिक्किम और उत्तराखंड में एलएसी के पास कुछ इलाकों में मौजूदगी बढ़ा रहा है । हालांकि भारत ने भी इन इलाकों मेंसेनाओं की तैनाती बढ़ा दी है ।
भारत चीन की बातचीत।
  • News Channel चीन उल्टी-सीधी हरकतें फिर से शुरू हो गई है अब पितौड़गढ़ के पास सैनिक के बने ठिकाना पर आपत्ति जता रहा है।भारत भी है अब तैयार।आगे  जाने के किए क्लिक  .................
  • पूर्वी लद्दाख वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एलएसी ) पर एक महीने से जारी तनातनी को लिए भारत और चीन शीर्ष सैन्य कमांडरों ने शनिवार बेहद सकारात्मक माहौल में तीन घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत । इस दौरान दोनों पक्ष सीमा विवाद का हल निकालने लिए आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए । हालांकि भारत चीन साफ कहा कि वह अपनी सेना हटा ले और एलएसी पर दो महीने पहले जैसी स्थिति थी वैसे ही उसे बनाए । वहीं , एलएसी में सड़क निर्माण रोकने की चीन की मांग खारिज करते हुए भारत ने साफ किया निर्माण हमारी सीमा के अंदर है । भारतीय सेना के प्रवक्ता बताया , बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई । दोनों के बीच पहले से स्थापित सैन्य व कूटनीतिक चैनलों जरिये विवाद सुलझाने पर बात हुई । कोई ठोस नतीजा नहीं निकला लेकिन हमारे लिए मुलाकात महत्वपूर्ण रही , क्योंकि उच्चस्तरीय सैन्य बातचीत से गतिरोध खत्म करने रास्ता खुला है।  

  •         चीन नियंत्रण वाले क्षेत्र मोल्डो में हुई वार्ता में भारत की ओर से लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर ले . जनरल हरिंदर सिंह और चीन की तरफ से दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियु लिन ने प्रतिनिधिमंडल की अगुआई की । भारतीय दल का चीनी सेना ने गर्मजोशी से स्वागत किया । भारतीय सेना या विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया है । सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाली यह बैठक 11:30 बजे शुरू हो सकी और शाम पांच बजे चली । पांच मई को पूर्वी लद्दाख भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद दोनों देशों की सेनाओं के स्थानीय कमांडरों के बीच 12 दौर और मेजर जनरल रैंक के अफसरों की तीन दौर की बातचीत वेनतीजा रही थी ।

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