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रविवार, 5 जुलाई 2020

विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 100 टीमें तैनात,विकास दुबे के भाग निकलने पर पुलिसकर्मियों पर है आशंका ।


कानपुर में पुलिस की टीम विकास दुबे को पकड़ने गई हुई है । अपराधी विकास दुबे का घर बिकर गांव में स्थित है पुलिस ने उस मकान को गिरा दिया  है । साथ ही उन पुलिसकर्मियों को भी चिह्नित कर रही है , जिन्होंने पुलिस ऑपरेशन की सूचना लीक की । 
विकास के मकान में खड़े ट्रैक्टर समेत 60 लाख की कीमत की दो एसयूवी गाड़ियां भी तोड़ दी गई है ।विकास दुबे को ढूंढने के लिए पुलिस की 100 टीमें लगाई गई हैं , जो दिल्ली





सहित मध्य प्रदेश , राजस्थान , मुंबई के अलावा नेपाल में भी उसकी तलाश कर रही हैं । विकास दुबे के पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है ।विकास दुबे से मिलकर काम करने के शक के आधार पर चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। विकास ने जिस जेसीबी को रास्ते में खड़ाकर पुलिसवालों को जाल में फंसाया था , शनिवार को दस घंटे तक उसी जेसीबी से मकान का कोना - कोना ढहा दिया गया । पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे से उसके मकान पर जेसीबी चलवानी शुरू की । पहले भीतर का हिस्सा गिराया गया और फिर जेल की तरह बनी दीवारें तोड़ी गईं । लग्जरी फॉर्चुनर व स्कॉर्पियो कारें , दो ट्रैक्टर , एक बाइक पर भी जेसीबी चला दी गई । सोफा , बेड , इलेक्ट्रॉनिक सामान भी तोड़ दिया गया है ।
विकास दुबे का पता लगाने के लिए मिले हैं कुछ सबूत ।
एसटीएफ ने करीब 500 सौ मोबाइल नंबर की पहचान की हैं , जिनहें सर्विलांस पर रखा गया है।इनमें से कई चौबेपुर थाने के कई पुलिसकर्मियों के नंबर भी हैं ।एसटीएफ ने इन पुलिसकर्मियों को को भी शक के दायरे में रखा गया है,और इनसे पूछताछ की जा रही है । साथ ही विकास दुबे सहित सभी रिश्तेदारों और करीबियों के नंबर भी सर्विलांस पर लिए गए ।
पड़ताल में यह सामने आया है कि विकास दुबे नकली शराब के धंधे के साथ साथ कई अन्य गैरकानूनी काम करता था और स्थानीय पुलिस इस तरफ से आंखें बंद करके बैठी हुई थी।
विकास दुबे के घर पर भी हुई एसटीएफ के जवानों पर हमला ।
एसटीएफ का कहना है कि विकास दुबे का घर से पुलिस पर एके 47 से चलाई गोलियां चलाई जिसने आठ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए है ।विकास का मकान चारों ओर से 20 फीट ऊंची और मोटी चारदिवारी से घिरा हुआ था । दीवारों पर कंटीले तार भी थे । मकान में उसने बंकर बना रखा था , जबकि निगरानी के लिए उसने 50 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे । प्रशासन की कार्रवाई से पहले घटनास्थल पर बाहरी लोगों के जाने पर पुलिस ने रोक लगा दी ।
गांव वाले इस कदर डरते थे विकास दुबे से ।
गांव वालों ने विकास के खिलाफ बयान देने से इनकार कर दिया है ।गांव वालों ने कहा कि यदि वे जिंदा बच गया तो वह हमें मार डालेगा इससे पता चलता है कि विकारू गांव के लोगों के बीच विकास दुबे का कितना खौफ है ।  उसके खिलाफ एक भी शब्द बोलने से डरते हैं । यही वजह है कि जब ग्रामीणों से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया । गांव वालों का कहना था कि पुलिस हमेशा पैसे वालों की तरफ ही होती है ।यदि हमने आज बयान दे दिया तो नारी सुरक्षा की बाद में कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेगा ।विकास दुबे का तो पुलिस के साथ उठना बैठना था ऐसे में हम पुलिस पर कैसे विश्वास कर सकते हैं । इसीलिए हम अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं ।इससे कुल मिलाकर विकास की दहशत बहुत है और पुलिस पर लोगों का भरोसा नहीं रहा है ।
विपक्ष पर प्रियंका बोलीं
यूपी में अभी भी जंगलराज चल रहा है,उन्होंने ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यूपी में तो पुलिस ही सुरक्षित नहीं है , तो आम आदमी को क्या शिक्षा प्रदान करेंगे ।उन्होंने कहा कि अपराधियों , सत्ताधारी नेताओं और अधिकारियों के गठजोड़ के चलते उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है ।




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