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रविवार, 19 जुलाई 2020

भारत और भूटान के बीच खुला एक नया व्यापारिक रास्ता ।

भारत और भूटान में  पश्चिम बंगाल में जय गाँव और भूटान की पताका के बीच एक नया व्यपारिक रास्ता खोला है ।भूटान में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोस ने एक ट्वीट में कहा कि व्यापार मार्ग खोले जाने कि हमें बेहद प्रसन्नता है ।

सूत्रों के अनुसार जय गाँव पताका के  बीच यह कदम महामारी के दौरन काफी अहम साबित होगा, और अस्थाई वैकल्पिक व्यापार मार्ग से माल की आवाजाही दोनों देशों के बीच काफी सुगम हो जाएगी। 

थीम्पू में भारतीय दूतावास ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 15 जुलाई को अहल्य बशाखा में एक और सीमा शुल्क स्टेशन खोला गया है। औद्योगिक कच्चे माल की आवाजाही के लिए वशाखा इन्डस्ट्रीयल स्टेट और माल की आवाजाही के लिए नया मार्ग, द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्य तो बढ़ाएगा ही, साथ ही जय गांव मार्ग पर वाहनों के आवागमन भी कम करेगा।

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जो चीन के लिए एक जोरदार झटका होगा , इससे पहले भूटान के यति क्षेत्र में भी चीन अपना अधिकार जताया था । लेकिन वहां पर भारत में उसकी जोर दार झटका दे दिया था। 

भारत भूटान की यती क्षेत्र में एक सड़क बनाने की योजना बना रहा है जिसके बाद गुवाहाटी और अरुणाचल प्रदेश के तवांग की दूरी 150 किलोमीटर तक घट जाएगी। इस सड़क के बन जाने के बाद भारत को रणनीतिक तौर पर फायदा मिलेगा। क्योंकि ये रास्ता चीन की सीमा से लगती हो निकलेगी और फिर भारत चीन से कई गुना ज्यादा तेजी से अपनी सीमावर्ती इलाकों में पहुंच पाएगा। चीन खलनायक है , और सच्चाई को दुनिया भली - भान्ती जान गई है । 

अपने आप को ड्रैगन कहलाने वाला चीन एक ड्रेगन तो नहीं बल्की एक जहरिला साँप जरूर है । जो अपने सभी पड़ोसियों के खिलाफ जहर उगलता रहता है , और इसी नकली ड्रैगन ने अपनी कल्पनाओं में एक नकली पंजा भी तैयार किया है। इसे हकीकत के धरातल पर उतारने की  उसकी जहरीली कोशिशें लगातार जारी है। 

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